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संपादकीय

अनुशासन का एक स्वरूप: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम पर

04.05.18 709 Source: THE HINDU
अनुशासन का एक स्वरूप: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम पर

दलित और आदिवासी अधिकार संगठनों ने 1 मई को 'राष्ट्रीय प्रतिरोध दिवस' के रूप में देखा। समस्या तब उत्पन्न हुई जब 20 मार्च को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम, 1989 (इसके बाद अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अधिनियम) पर सर्वोच्च न्यायालय ने अपना आदेश दिया। देश भर में आयोजित विरोध प्रदर्शनों में सरकार से तीन मांगें मांगी गयी थीं............ Download pdf to Read More