ARTICLE DESCRIPTION

संपादकीय

अनुशासन का एक स्वरूप: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम पर

04.05.18 648 Source: THE HINDU
अनुशासन का एक स्वरूप: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम पर

दलित और आदिवासी अधिकार संगठनों ने 1 मई को 'राष्ट्रीय प्रतिरोध दिवस' के रूप में देखा। समस्या तब उत्पन्न हुई जब 20 मार्च को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम, 1989 (इसके बाद अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अधिनियम) पर सर्वोच्च न्यायालय ने अपना आदेश दिया। देश भर में आयोजित विरोध प्रदर्शनों में सरकार से तीन मांगें मांगी गयी थीं............ Download pdf to Read More

Latest Notifications / Announcements

Register for free demo class

Follow us on Facebook