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संपादकीय

द विल टू डाई-ऑन ‘लिविंग विल्स’

17.10.17 300 Source: the hindu
द विल टू डाई-ऑन ‘लिविंग विल्स’

एक अचेत अवस्था में मरीजों की गरिमा की रक्षा के साधन के रूप में सर्वाेच्च न्यायालय के संविधान खंडपीठ के समक्ष इच्छामृत्यु को अनुमति देने पर हो रही बहस ने एक महत्वपूर्ण प्रश्न रखा है। क्या कानून को इच्छा-मृत्यु (लिविंग विल) की अनुमति देनी चाहिए? यहाँ अग्रिम निर्देश यह हैं कि वैसे लोग जो दिमागी रूप से अचेत हैं तथा जिसका इलाज संपूर्ण स्तर पर पहुंच गया है और जिसमें कुछ बेहतर होने की संभावना नहीं है, तो यह अचेत अवस्था (vegetative state) कहलाती है। यह प्रश्न कानूनी, नैतिक और दार्शनिक प्रभाव से भरा है।............... Download pdf to Read More